प्रिय पाठकों/साथियों,
विचार, एक ऐसा शब्द जो कि हर व्यक्ति के जीवन में उसके लिए अहम महत्व रखता है विचारों में एक ऐसी असीम शक्ति होती है जो उसे कहीं भी ले जाने का साहस रखती है। हर व्यक्ति के विचार अलग-अलग होते हैं यह व्यक्तियों के विचार ही है जो व्यक्ति के जीवन के हर पहलू को प्रभावित करते हैं यदि हम अच्छे विचारों को अपने अंदर समाहित करने की क्षमता रखते हैं तो इस संसार की कोई ताकत हमें आकाश की बुलंदियों को छूने से नहीं रोक सकती लेकिन इसके लिये अपने विचारों में क्रांति का होना बहुत जरूरी है। इस संसार में बहुत कुछ ऐसा होता है कि हम उसे समझ नहीं पाते, उसे समझने की कोशिश करते हैं। तो और भी उलझ जाते हैं। बहुत से लोगों के मन में कुछ ऐसे विचार होते हैं जिन्हें किसी के साथ बांटकर वे आकाश की बुलंदियों को छूने का साहस रखते हैं पर कुछ कह नहीं पाते। मेरी भी कुछ इच्छायें हैं मेरे भी कुछ सपने हैं जिन्हें मैं पूरा करना चाहता हूं और अपने विचारों को बताना चाहता हू। ऐसे तो बहुत से लोग है मेरे साथ जिनसे मैं अपनी बातें कह सकता हूं पर कुछ बातें ऐसी होती हैं जो हम बांट नहीं सकते केवल खुद ही महसूस कर सकते हैं। लेकिन कुछ पल की वे बातें हम कहीं भूल न जाएं वे कुछ सुनहरी यादें, किसी के साथ बिताये हुए कुछ पल, किसी के साथ रहने का अनुभव और भी बहुत सी ऐसी बातें हैं जो हम किसी के साथ बांट नहीं सकते। इसलिए उन्हें ताजा रखने के लिए उन्हें तस्वीरों में उतार लेते हैं या फिर समय के साथ साथ वे यादें भूल जाते है जिन्हें हम कभी भूलना नहीं चाहते। मैं जब भी बहुत उदास होता हू या बहुत खुश होता हूं और किसी से कुछ कहना चाहता हूं और यदि नहीं कह पाता तो अपने विचारों को कहीं लिख देता हूं। और उस पल को अपने शब्दों के जाल में बांधकर रख देता हूं जब कभी याद आती है पढ़कर उन्हें ताजा कर लेता हूं। मैं यह जानता हूं कि हमें ये मानव जीवन बड़ी मुश्किल से मिला है ऐसे तो मानव जीवन सभी को मिला है पर इस जीवन की सार्थकता तभी सिद्ध होगी। जब हम कोई ऐसा काम करें जिससे हम सारी दुनिया की नजरों में आ जाएं जब हमें सभी लोग जानने लगें। नहीं तो इस जीवन का कोई औचित्य ही नही है।
Divyansh
सुन्दर कविताएं.बधाई.
By: सुरेन्द्र जॆन on अप्रैल 8, 2007
at 4:38 अपराह्न
achha prayaas hai.mehanat karein.kalpana ko aur udaan dein.
By: बरखा on अप्रैल 8, 2007
at 4:43 अपराह्न
likhte rahe.. shubhkamnayen..
By: cartoonist ABHISHEK on अगस्त 2, 2008
at 1:58 अपराह्न
अच्छा लगा आपका ब्लाग।
By: जगदीश भाटिया on अगस्त 2, 2008
at 2:29 अपराह्न
अपने विचारों को इसी तरह आकार देते रहें। बधाई।
By: Hari Joshi on अगस्त 3, 2008
at 5:18 पूर्वाह्न
नए चिट्टे की बहुत बहुत बधाई, लिखते रहें और हिन्दी चिट्टा जगत को अपने लेखन से सम्रुष करें, शुभकामनायें….
आपका मित्र
सजीव सारथी
09871123997
By: sajeev sarathie on अगस्त 3, 2008
at 7:16 पूर्वाह्न
bahut uchit,sarahniye paksh hai…….
By: rasprabha on अगस्त 3, 2008
at 11:42 पूर्वाह्न
“जब हम कोई ऐसा काम करें जिससे हम सारी दुनिया की नजरों में आ जाएं जब हमें सभी लोग जानने लगें। नहीं तो इस जीवन का कोई औचित्य ही नही है।”
लोग न भी जाने पर, कम से कम, खुद ही जान लें, ऐसा भी कर लें तो ठीक है
By: Ashok@Internet on अगस्त 3, 2008
at 5:05 अपराह्न
Jeeteshji aapka prayas bahut hi accha hai.Kavitayen unke shirshak bahut hi sunder hain.Maine aapka अध्यात्म : मेरी नज़र में padha aapke vichar aur vishleshan acche hain.
By: Binay Tiwari on जून 18, 2010
at 9:56 पूर्वाह्न