आज इस ब्रम्हांड में एक नया सूरज उगा दूंगा।
इस सोये हुये सागर में एक नई हलचल मचा दूंगा।
इस नीले आकाश को मैं एक नई रोशनी दूंगा।
इस ब्रम्हांड के हर पहलू को आज मैं बदल दूंगा।
सृजन करूंगा एक नई दिशा का
एक नया अविष्कार करूंगा
और अपनी समस्त शक्तियों से
इस ब्रम्हांड को एक नया रूप दूंगा।
मानव के विचारों को एक नई दिशा दूंगा।
और उन विचारों को एक नई क्रांति दूंगा।
हवाओं का रूख मोड़कर शीतलता दूंगा।
समुद्र की लहरों को एक नया वेग दूंगा।
प्रकृति की समस्त शक्तियों से
इस ब्रम्हांड को कई नये रंगों से रंग दूंगा।
आज मैं तैयार हूं इस दुनिया में कुछ नया करने के लिए
और इस ब्रम्हांड में एक नई दुनिया का सृजन करने के लिए।